नीति आयोग : इंडिया एज ए ग्लोबल मेन्युफैक्चरिंग हब
हाल ही में नीति आयोग ने "Key Sectors to Position India as a Global Manufacturing Hub" नाम की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का मकसद डेटा के आधार पर उन क्षेत्रों को चुनना है जहाँ भारत दुनिया में मैन्युफैक्चरिंग लीडर बन सकता है।
रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नीति आयोग ने डेटा और तर्क के आधार पर उन सेक्टर्स को चुना है जहाँ भारत दुनिया में लीडर बन सकता है। इसका मकसद पूरी तरह स्पष्ट है :घरेलू क्षमता बढ़ाना + निर्यात बढ़ाना + रोजगार देना + आयात पर निर्भरता घटाना
रिपोर्ट 4 चरणों में बनी है। पहले हाई-ग्रोथ सेक्टर चुने गए। फिर उनका बाजार, प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक महत्व जांचा गया। इसके बाद चीन, वियतनाम जैसे देशों की बेस्ट प्रैक्टिस देखी गईं। आखिर में हर सेक्टर के लिए एक्शन प्लान और रोडमैप तैयार किया गया।
| चरण 1: | हाई ग्रोथ वाले सेक्टर चुनना |
| चरण 2: | उनका बाजार, प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक महत्व जांचना |
| चरण 3: | चीन, वियतनाम, जर्मनी जैसे देशों की बेस्ट प्रैक्टिस देखना |
| चरण 4: | हर सेक्टर के लिए एक्शन प्लान और रोडमैप बनाना इस रिपोर्ट में पहले 4 सेक्टर कवर किए गए हैं। आगे 8 और सेक्टर पर रिपोर्ट आएगी। |
चार प्रमुख सेक्टर और उनकी संभावनाएं
1. रसायन उद्योग:- देश के रसायन उद्योग की रीढ़ पेट्रोकेमिकल्स, स्पेशियलिटी और अकार्बनिक रसायन हैं। ये प्लास्टिक से लेकर दवाओं तक हर चीज में इस्तेमाल होते हैं। अभी भारत कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर है। रिपोर्ट कहती है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाकर, कच्चे माल का बेहतर उपयोग करके और FTA का रणनीतिक लाभ लेकर हम आयात घटा सकते हैं और मूल्यवर्धन बढ़ा सकते हैं।
2. वस्त्र उद्योग:- यह भारत के सबसे बड़े उद्योगों में से एक है। GDP में 2%, मैन्युफैक्चरिंग GVA में 11% और निर्यात में 9% योगदान देता है। कृषि के बाद यह 4 करोड़ लोगों को रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है। FY25 में भारत ने 37.7 बिलियन डॉलर का टेक्सटाइल निर्यात किया और दुनिया का 6ठा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बना। रिपोर्ट के अनुसार कच्चे माल की सप्लाई सुधारने, टेक्निकल टेक्सटाइल और MMF पर फोकस करने तथा स्किल व टेक्नोलॉजी में निवेश से हम वैश्विक प्रतिस्पर्धा और बढ़ा सकते हैं।
3. दूरसंचार और नेटवर्किंग उपकरण:- भारत 1.2 अरब ग्राहकों के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार है। राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2025 का लक्ष्य 2030 तक इस सेक्टर का GDP में योगदान दोगुना करना और 10 लाख नए रोजगार बनाना है। अभी अधिकांश नेटवर्किंग हार्डवेयर आयात होता है। नीति आयोग का सुझाव है कि JV, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर बनाकर घरेलू घटक निर्माण को मजबूत किया जाए।
4. सौर फोटोवोल्टिक विनिर्माण:- मार्च 2025 तक भारत ने 106 GW सौर क्षमता हासिल कर ली है। 2030 का लक्ष्य 280 GW है। यानी अगले 5 साल में 174 GW और जोड़ना है। घरेलू सौर बाजार 32,400 करोड़ का है और हर साल 17-20% से बढ़ रहा है। लेकिन पैनल और सेल के लिए हम अभी भी आयात पर निर्भर हैं। रिपोर्ट में अपस्ट्रीम क्षमता बनाने, R&D बढ़ाने और G2G व्यापार समझौतों से निर्यात बढ़ाने की बात कही गई है।
नीति आयोग क्या है?
- नीति आयोग भारत सरकार का सबसे बड़ा "थिंक टैंक" है। आसान भाषा में कहें तो यह सरकार को नीति बनाने में सलाह और दिशा देने वाला दिमाग है। इसे 1 जनवरी 2015 को पुराने योजना आयोग की जगह बनाया गया था।
- योजना आयोग ऊपर से नीचे "टॉप-डाउन" तरीके से काम करता था, लेकिन नीति आयोग "बॉटम-अप" सोच के साथ आया। इसका मतलब है कि अब नीतियां दिल्ली में बैठकर नहीं, बल्कि राज्यों और लोगों की जरूरत सुनकर बनेंगी।
- इसी सोच को "सहकारी संघवाद" और "अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार" कहा जाता है। नीति आयोग का काम सिर्फ लंबी अवधि की नीतियां और कार्यक्रम बनाना ही नहीं है। यह केंद्र सरकार को भी सलाह देता है और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी और रणनीतिक मदद भी करता है।
- साथ ही यह एक ऐसा मंच है जहाँ केंद्र और सभी राज्य मिलकर राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इससे "टीम इंडिया" की भावना मजबूत होती है। नीति आयोग के काम को चलाने के लिए दो मुख्य हब बनाए गए हैं।
- टीम इंडिया हब केंद्र और राज्यों के बीच पुल का काम करता है। वहीं ज्ञान और नवाचार हब एक थिंक-टैंक की तरह काम करता है और नई सोच, डेटा और रिसर्च के आधार पर सरकार को सुझाव देता है।
नीति आयोग की प्रशासनिक संरचना:
| अध्यक्ष: | प्रधानमंत्री |
| उपाध्यक्ष: | प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त |
| संचालन परिषद: | सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल। |
| क्षेत्रीय परिषद: | विशिष्ट क्षेत्रीय मुद्दों को संबोधित करने के लिये प्रधानमंत्री या उसके द्वारा नामित व्यक्ति मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों की बैठक की अध्यक्षता करता है। |
| तदर्थ सदस्यता: | अग्रणी अनुसंधान संस्थानों से बारी-बारी से 2 पदेन सदस्य। |
| पदेन सदस्यता: | प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के अधिकतम चार सदस्य। |
| मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO): | भारत सरकार का सचिव जिसे प्रधानमंत्री द्वारा एक निश्चित कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है। |
| विशेष आमंत्रित: | प्रधानमंत्री द्वारा नामित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ। |
नीति आयोग की पहलें:
| 1 | SDG इंडिया इंडेक्स |
| 2 | समग्र जल प्रबंधन सूचकांक |
| 3 | अटल इनोवेशन मिशन |
| 4 | साथ परियोजना। |
| 5 | आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम |
| 6 | स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक |
| 7 | ज़िला अस्पताल सूचकांक |
| 8 | स्वास्थ्य सूचकांक |
| 9 | कृषि विपणन और किसान हितैषी सुधार सूचकांक |
| 10 | भारत नवाचार सूचकांक |
| 11 | वुमन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवार्ड्स |
| 12 | सुशासन सूचकांक |
नीति आयोग की रिपोर्ट "Key Sectors to Position India as a Global Manufacturing Hub" मुख्य रूप से BPSC मुख्य परीक्षा (Mains) के GS Paper-2 के भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना खंड से संबंधित है।
Reference:-










