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ज्ञान भारतम मिशन और पांडुलिपि डिजिटलीकरण

ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपि डिजिटलीकरण, ज्ञान मित्रम, भारतीयजीपीटी और पांडुलिपि दर्पण के बारे में जानें। BPSC और UPSC के लिए महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स।

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Written by Akhilesh Anand
Published: 29 July 20266 min read
ज्ञान भारतम मिशन और पांडुलिपि डिजिटलीकरण
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ज्ञान भारतम मिशन और पांडुलिपि डिजिटलीकरण

चर्चा में क्यों है?

हाल ही में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्‍न के उत्तर में ज्ञान भारतम मिशन और पांडुलिपि डिजिटलीकरण के संदर्भ में जानकारियों को साझा किया है। उन्होंने कहा है कि एक सर्वेक्षण के दौरान, 1.19 करोड़ से अधिक पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई है।

राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत, देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आरंभ किया गया था ताकि विभिन्न भाषाओं और लिपियों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांडुलिपि संग्रहों, भंडारों और संरक्षकों की पहचान और दस्तावेजीकरण किया जा सके। मिशन के तहत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और वास्तिवक पंजीकरण के लिए कोई जिला-वार लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया था।

ज्ञान भारतम वेब पोर्टल के बारे में

ज्ञान भारतम वेब पोर्टल भारत की पांडुलिपि विरासत तक बुद्धिमत्तापूर्ण पहुंच प्रदान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सक्षम तकनीकों का उपयोग करता है, जिसमें लार्ज लैंग्वेज स्क्रिप्ट मॉडल (एलएलएसएम), ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (ओसीआर), हैंडरिटेन टेक्‍स्‍ट रिकग्निशन (एचटीआर), स्क्रिप्ट रिकग्निशन, सिमेंटिक सर्च और मशीन-सहायता प्राप्त अनुवाद शामिल हैं।

ज्ञान मित्रम

ज्ञान भारतम वेब पोर्टल का एआई-संचालित ज्ञान इंटरफेस ज्ञान मित्रम, पांडुलिपि छवियों, प्रतिलेखों और अनुवादों को एकीकृत करके पांडुलिपियों की बुद्धिमतापूर्ण व्याख्या, प्रासंगिककरण और अन्वेषण में सक्षम करने के लिए एलएलएसएम, ओसीआर, एचटीआर, स्क्रिप्ट रिकग्निशन, सिमेंटिक खोज और मशीन-सहायता प्राप्त अनुवाद का उपयोग करता है।

भारतीयजीपीटी

भारतीयजीपीटी ने ज्ञान भारतम वेब पोर्टल पर "पांडुलिपि से संवादात्मक एआई" की सुविधा उपलब्ध कराई है, जो पांडुलिपि विरासत को एआई-तैयार, मशीन-पठनीय ज्ञान में परिवर्तित करती है और "टॉक टू मैन्युस्क्रिप्ट" सुविधा के माध्यम से टेक्‍स्‍ट, ऑडियो और आवाज-आधारित बातचीत सहित बहुभाषी और बहुआयामी पहुंच प्रदान करती है। इससे भारत की ज्ञान परंपराएं विद्वानों, छात्रों, शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए अधिक सुलभ हो जाती हैं।

पांडुलिपि दर्पण

पांडुलिपि दर्पण, ज्ञान भारतम वेब पोर्टल पर एक एआई संचालित उपकरण है जो उपयोगकर्ताओं को एक डिजिटाइज्ड पांडुलिपि छवि अपलोड करने या चुनने और एआई-सहायता प्राप्त लिपि पहचान, लिप्यंतरण और अनुवाद तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।

पांडुलिपियों की डिजिटल प्रतियों तक पहुंच लागू कानूनों और संरक्षकों एवं अधिकार धारकों के अधिकारों के अनुसार सुगम बनाई जाती है। जहां भी कानूनी रूप से अनुमत हो, पांडुलिपियों और संबंधित मेटाडेटा को राष्ट्रीय डिजिटल भंडार के माध्यम से सार्वजनिक और अकादमिक अनुसंधान के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है, जबकि संवेदनशील, प्रतिबंधित या अधिकार-संरक्षित सामग्री उचित पहुंच शर्तों के अधीन हो सकती है।

ज्ञान भारतम मिशन क्या है?

ज्ञान भारतम मिशन की घोषणा केंद्रीय बजट 2025–26 में की गई। यह भारत की विशाल पाण्डुलिपि विरासत को संरक्षित करने, डिजिटाइज़ करने और प्रसारित करने की एक राष्ट्रीय पहल है।

इसका उद्देश्य परंपरा को आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर भारत की पाण्डुलिपियों को सुरक्षित करना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुलभ बनाना है। इसका नोडल मंत्रालय ‘संस्कृति मंत्रालय’ है।

ज्ञान भारतम मिशन के प्रमुख घटक

सर्वेक्षण और दस्तावेज़ीकरण-देशभर में पाण्डुलिपियों की पहचान और सूचीकरण करना।

संरक्षण और पुनर्स्थापन- वैज्ञानिक और पारंपरिक दोनों विधियों के माध्यम से कमजोर और पुराने ग्रंथों की सुरक्षा करना।

डिजिटलीकरण और संग्रह- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से पाण्डुलिपियों का डिजिटलीकरण करना और एक राष्ट्रीय डिजिटल संग्रह तैयार करना।

प्रौद्योगिकी और AI नवाचार- हस्तलिखित पाठ को पढ़ने वाले उपकरण और 'ज्ञान-सेतु AI चैलेंज' जैसे नवाचारों को विकसित करना।

ज्ञान भारतम मिशन का महत्त्व

  • राष्ट्रीय पाण्डुलिपि डेटाबेस में पहले से 44 लाख से अधिक पाण्डुलिपियाँ हैं। यह मिशन दर्शन, विज्ञान, चिकित्सा, गणित, कला, साहित्य और अध्यात्म जैसे क्षेत्रों में भारत के प्राचीन ज्ञान को सुरक्षित रखता है।
  • यह अनुच्छेद 51A(f) का समर्थन करता है, जो प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताता है - सांस्कृतिक विरासत को महत्व देना और उसका संरक्षण करना।
  • यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य भारतीय ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है।
  • यह परंपरा और तकनीक के बीच पुल बनाता है। युवाओं को सशक्त करता है और भारत की वैश्विक सांस्कृतिक नेतृत्व की भूमिका को मजबूत करता है।

निष्कर्ष

डिजिटल इंडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके 50 लाख से अधिक पाण्डुलिपियों का डिजिटलीकरण करता है। इससे भारत का प्राचीन ज्ञान विश्व स्तर पर सुलभ हो जाता है। यह युवाओं को विरासत से जोड़ता है और पाण्डुलिपियों को केवल ऐतिहासिक दस्तावेज़ न मानकर जीवंत ज्ञान के रूप में पुनर्परिभाषित करता है। 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप, ज्ञान भारतम विरासत, नवाचार और वैश्विक ज्ञान साझाकरण को एक साथ जोड़ता है। इस पहल से विश्व गुरु के रूप में भारत की भूमिका मजबूत होती है।

ज्ञान भारतम मिशन' और 'पांडुलिपि डिजिटलीकरण'  मुख्य रूप से सामान्य अध्ययन -1 के इतिहास और कला-संस्कृति खंड और सामान्य अध्ययन -2 के राजव्यवस्था और प्रौद्योगिकी खंड से जुड़ा हुआ एक समसामयिक विषय है।

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2290013&reg=48&lang=2

What is the Gyan Bharatam Mission?

It is a national initiative announced in the Union Budget 2025-26 to preserve, digitize, and disseminate India's vast manuscript heritage by connecting tradition with modern technology, with the Ministry of Culture as the nodal ministry.

How many manuscripts has the National Manuscript Survey identified so far?

According to the Culture Minister's written reply in the Lok Sabha, a survey conducted under the mission has gathered information on more than 1.19 crore manuscripts.

What AI technologies power the Gyan Bharatam Web Portal?

The portal uses AI-enabled technologies including a Large Language Script Model (LLSM), Optical Character Recognition (OCR), Handwritten Text Recognition (HTR), script recognition, semantic search, and machine-assisted translation.

What is Gyan Mitram?

Gyan Mitram is the portal's AI-powered knowledge interface that integrates manuscript images, transcripts, and translations to enable intelligent interpretation, contextualization, and exploration of manuscripts.

What is the "Talk to Manuscript" feature?

BharatGPT enabled a "Conversational AI from Manuscript" feature on the portal that converts manuscript heritage into AI-ready, machine-readable knowledge, offering multilingual and multimodal access through text, audio, and voice.

What is Pandulipi Darpan?

Pandulipi Darpan is an AI-powered tool on the Gyan Bharatam portal that lets users upload or select a digitized manuscript image and access AI-assisted script identification, transliteration, and translation.

What are the key components of the Gyan Bharatam Mission?

Its key components are Survey and Documentation, Conservation and Restoration, Digitization and Collection using AI, and Technology and AI Innovation, including initiatives like the Gyan-Setu AI Challenge.

How many manuscripts are already in India's national manuscript database?

The national manuscript database already holds more than 44 lakh manuscripts, covering fields such as philosophy, science, medicine, mathematics, art, literature, and spirituality.

How many manuscripts does the mission aim to digitize overall?

Using Digital India and Artificial Intelligence, the mission aims to digitize more than 50 lakh manuscripts, making India's ancient knowledge globally accessible.

Which GS papers cover this topic for BPSC/UPSC?

The Gyan Bharatam Mission and manuscript digitization is a current topic linked mainly to the History and Art-Culture section of General Studies I and the Polity and Technology section of General Studies II.

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