समुद्र मंथन योजना के लिए सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश
Eduteria Insights · 26 Oct 2026
चर्चा में क्यों ?
केंद्र सरकार ने ₹84,084 करोड़ की ‘समुद्र मंथन’ (Samudra Manthan) योजना के अंतर्गत गहरे समुद्र में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज को बढ़ावा देने के लिए परिचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस योजना के तहत सरकार गहरे समुद्र में तेल एवं गैस की खोज करने वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता देगी, ताकि खोज की अधिक लागत और जोखिम को कम किया जा सके।
समुद्र मंथन योजना क्या है?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित समुद्र मंथन योजना का आधिकारिक नाम राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना (National Offshore Exploration Scheme) है।
यह एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना (Central Sector Scheme) है, जिसका उद्देश्य भारत के समुद्र के नीचे मौजूद तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों की खोज करना तथा उनके व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई 2026 को इस योजना को ₹84,084 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी। इसका पहला चरण वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू किया जाना है।
पौराणिक कथा में समुद्र मंथन के माध्यम से समुद्र से मूल्यवान वस्तुओं की प्राप्ति हुई थी। इसी विचार से प्रेरित होकर इस योजना का नाम ‘समुद्र मंथन’ रखा गया है। इसका मकसद समुद्र के नीचे उपस्थित भारत के संभावित ऊर्जा संसाधनों की खोज करना है।
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