क्या है भारत को नई दिशा देने वाली Immersive Technology ?
यह लेख क्रमशः UPSC एवं BPSC में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विषय से जुड़ा है.
भूमिका
दोस्तों, आगामी 27 और 28 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ESTIC(Emerging Science, Technology and Innovation Conclave), 2026 का आयोजन होने वाला है। यह विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं, उद्योगों, स्टार्टअप और नवाचारकर्ताओं को एक मंच पर लाने वाला राष्ट्रीय सम्मेलन है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में Council of Scientific and Industrial Research (CSIR) इसका आयोजन करेगा। इस सम्मेलन का मकसद केवल वैज्ञानिक उपलब्धियाँ प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि शोध को व्यावहारिक तकनीक, उत्पाद और सामाजिक लाभ में बदलने के लिए सहयोग बढ़ाना भी है। इसका संबंध विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ा गया है। इस लेख में इसी संदर्भ में हमलोग Immersive Technologies यानी आभासी एवं इंटरैक्टिव तकनीकों के बारे में विस्तार से समझेंगे कि ये तकनीकें आज भारत में शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और शहरी नियोजन को किस प्रकार बदल रही हैं।
दोस्तों, तकनीक अब केवल स्क्रीन पर जानकारी दिखाने तक सीमित नहीं रह गई है। इसके जरिये लोग किसी ऐतिहासिक स्थल का आभासी अनुभव ले सकते हैं, complex scientific concepts को 3D रूप में समझ सकते हैं और किसी शहर की प्रस्तावित योजना का डिजिटल मॉडल देखकर उसके प्रभावों का आकलन कर सकते हैं।
चर्चा में पहला महत्त्वपूर्ण टर्म है Immersive Technology
यह ऐसी तकनीक है, जो यूजर को डिजिटल दुनिया के भीतर होने या डिजिटल वस्तुओं के साथ वास्तविक दुनिया में बातचीत करने जैसा अनुभव देती है। सामान्य तकनीक में हम मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन पर किसी वस्तु की तस्वीर देखते हैं। इसके विपरीत, Immersive Technology में हम उस वस्तु को 3D रूप में देख सकते हैं, उसके आसपास घूम सकते हैं या उसके साथ डिजिटल रूप से बातचीत कर सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर किताब में हृदय का चित्र देखकर उसकी संरचना समझना तुलनात्मक रूप से कठिन काम है लेकिन इसी का 3D मॉडल देखकर उसके अलग-अलग हिस्सों को समझना कहीं आसान है।
Immersive Technology के प्रमुख प्रकार
VR, AR, MR(Mixed Reality) और XR(Extended Reality) इसके प्रकार के रूप में जाने जाते हैं. Virtual Reality में वर्चुअल वातावरण में हृदय की संरचना के भीतर जाने जैसा अनुभव मिलता है. वहीं Augmented Reality में मोबाइल कैमरे के जरिये किसी वास्तविक सतह पर हृदय का डिजिटल मॉडल देख सकते हैं। MR में वास्तविक और डिजिटल वस्तुओं के बीच अधिक परस्पर क्रिया संभव होती है। उदाहरण के लिए, इंजीनियर किसी वास्तविक मशीन के सामने उसके डिजिटल मॉडल को देखकर उसके अलग-अलग हिस्सों की जाँच कर सकता है। XR एक व्यापक शब्द है, जिसके अंतर्गत VR, AR और MR जैसी तकनीकें आती हैं।
Immersive Technology का उपयोग
Immersive Technology शिक्षा को केवल किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित रखने के बजाय अनुभव आधारित बना सकती है। IIT मद्रास के शोधकर्ता ग्रामीण माध्यमिक विद्यालयों के लिए AR और VR आधारित शिक्षण समाधान विकसित कर रहे हैं। इनमें इतिहास, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और भाषाओं जैसे विषय शामिल हैं। विद्यार्थी सौरमंडल, मानव शरीर, परमाणु संरचना और अन्य कठिन अवधारणाओं को 3D मॉडल के माध्यम से समझ सकते हैं।
ऐतिहासिक घटनाओं, प्राचीन सभ्यताओं और भौगोलिक संरचनाओं का डिजिटल अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। मशीनों, औद्योगिक उपकरणों और जटिल प्रक्रियाओं का अभ्यास वास्तविक उपकरणों को नुकसान पहुँचाए बिना करना संभव हो सकता है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में Immersive Technology की भूमिका
भारत में हजारों ऐतिहासिक स्मारक, मंदिर, मूर्तियाँ, पांडुलिपियाँ और पुरातात्त्विक स्थल हैं। इनके संरक्षण के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग तेजी से महत्त्वपूर्ण हो रहा है। JATAN नामक डिजिटल सॉफ्टवेयर का उपयोग संग्रहालयों की वस्तुओं और उनसे संबंधित अभिलेखों के डिजिटलीकरण में किया जाता है। इसके जरिये संग्रहालयों की वस्तुओं की डिजिटल जानकारी तैयार की जाती है, ताकि उनका दस्तावेजीकरण, अध्ययन और ऑनलाइन उपलब्धता आसान हो सके।
इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग के लिए डिजिटल ट्विन (Digital Twin) जैसी immersive technology का इस्तेमाल किया जा रहा है. Digital Twin किसी वास्तविक वस्तु, प्रणाली या स्थान का ऐसा डिजिटल मॉडल होता है, जिसे वास्तविक दुनिया से प्राप्त डेटा की मदद से तैयार किया और आवश्यकतानुसार अपडेट किया जाता है। उदाहरण के लिए किसी शहर की एक डिजिटल प्रतिकृति तैयार कर लेना, जिसमें सड़कों, इमारतों, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी का उपयोग किया जा सके, Digital Twin का उदाहरण है। Digital Twin कई तकनीकों की सहायता से काम करता है जैसे IoT, 5G, AI, 3D मॉडलिंग, डेटा एनालिटिक्स.
भारत में Immersive Technology उद्योग को बढ़ावा देने वाली पहलें
भारत में immersive technology का विकास केवल शिक्षा और संग्रहालयों तक सीमित नहीं है। इससे Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality का उद्योग भी जुड़ा हुआ है। इसे सामूहिक रूप से AVGC-XR क्षेत्र कहा जाता है।
साथ ही Indian Institute of Creative Technologies की स्थापना 2025 में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (National Centre of Excellence) के रूप में की गई है। इसका उद्देश्य रचनात्मक तकनीकों के क्षेत्र में कौशल, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय बजट 2026–27 में देश के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC Content Creator Labs के लिए ₹250 करोड़ का आवंटन किया गया है। इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट निर्माण का व्यावहारिक अनुभव देना है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की 2022 में शुरू GENESIS(Gen-Next Support for Innovative Startups) योजना विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में तकनीकी स्टार्टअप को सहायता दे रही है। इस योजना के तहत पाँच वर्षों में लगभग 1,600 तकनीकी स्टार्टअप को सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।
इन पहलों के बावजूद चुनौतियों से इनकार नहीं किया जा सकता है. प्रमुख चुनौतियाँ
1. डिजिटल विभाजन
सभी विद्यालयों और संस्थानों में तेज इंटरनेट, उपयुक्त उपकरण और बिजली उपलब्ध नहीं हैं। यदि केवल बड़े शहरों के विद्यार्थियों को इन तकनीकों का लाभ मिलता है, तो डिजिटल असमानता बढ़ सकती है।
2. उच्च लागत
VR हेडसेट, सेंसर, 3D मॉडल और विशेष सॉफ्टवेयर महँगे हो सकते हैं। इसलिए सरकारी विद्यालयों और छोटे संस्थानों के लिए इन्हें व्यापक स्तर पर अपनाना चुनौतीपूर्ण है।
3. गोपनीयता और साइबर सुरक्षा
इमर्सिव उपकरण उपयोगकर्ता की गतिविधियों, स्थान और व्यवहार से संबंधित डेटा एकत्र कर सकते हैं। इस डेटा का दुरुपयोग व्यक्तिगत गोपनीयता के लिए खतरा बन सकता है।
4. स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ
लंबे समय तक VR हेडसेट का उपयोग कुछ लोगों में आँखों की थकान, चक्कर या असहजता पैदा कर सकता है। विशेषकर बच्चों के लिए सुरक्षित उपयोग, उचित समय सीमा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन महत्त्वपूर्ण हैं।
5. तकनीकी निर्भरता
यदि उपकरण, सॉफ्टवेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह विदेशी कंपनियों पर निर्भर हों, तो लागत, डेटा नियंत्रण और तकनीकी आत्मनिर्भरता से जुड़ी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
6. प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी
इमर्सिव तकनीक विकसित करने के लिए प्रोग्रामिंग के साथ-साथ डिजाइन, 3D मॉडलिंग, कहानी लेखन और विषयगत विशेषज्ञता की भी आवश्यकता होती है।
7. डिजिटल सामग्री की गुणवत्ता
यदि शिक्षण सामग्री गलत, पक्षपातपूर्ण या ऐतिहासिक रूप से अप्रमाणित हो, तो तकनीक विद्यार्थियों को गलत जानकारी भी दे सकती है।
भारत को immersive technology का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
1. सस्ती तकनीक: कम लागत वाले उपकरण और मोबाइल आधारित AR समाधान विकसित किए जाएँ।
2. भारतीय भाषाओं में सामग्री: हिंदी सहित क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षण और सांस्कृतिक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
3. शिक्षक प्रशिक्षण: शिक्षकों को तकनीक का शैक्षणिक उपयोग सिखाया जाए।
4. डेटा संरक्षण: उपयोगकर्ता की गोपनीयता और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
5. घरेलू अनुसंधान: भारतीय संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाया जाए।
6. विरासत संरक्षण: डिजिटल दस्तावेजीकरण को वास्तविक स्मारकों के संरक्षण और शोध से जोड़ा जाए।
7. जिम्मेदार उपयोग: बच्चों की आयु, स्वास्थ्य और सीखने की जरूरतों के अनुसार तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।
कुल मिलाकर immersive technology भारत के डिजिटल परिवर्तन का एक महत्त्वपूर्ण अगला चरण है। VR, AR, MR और Digital Twin जैसी तकनीकें शिक्षा को अनुभव आधारित बनाने, सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने और शहरी नियोजन को अधिक डेटा आधारित बनाने में सहायता कर सकती हैं।
Reference: DD News
अभ्यास प्रश्न:
मनोरंजन हेतु डिजिटल प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
- संवर्धित वास्तविकता [ऑगमेंटेड रिएलिटि (AR)) में एक छद्म वातावरण सृजित हो जाता है और भौतिक संसार पूरी तरह बहिष्कृत हो जाता है।
- आभासी वास्तविकता वर्चुअल रिएलिटि (VR)] में कम्प्यूटर द्वारा सृजित प्रतिमाएँ वास्तविक जीवन की वस्तुओं या परिवेशों पर प्रक्षेपित हो जाती हैं।
- AR व्यक्तियों को संसार में विद्यमान रहने देता है और स्मार्ट फोन या PC के कैमरे का उपयोग कर अनुभव को उन्नत करता है।
- VR संसार को पृथक् कर देता है और व्यक्ति को एक अलग धरातल पर ले जाकर उसे पूर्ण निमनता का अनुभव प्रदान करता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) 3 और 4
(c) 1, 2 और 3
(d) केवल 4 (IAS Pre. 2019)





