EDU TERIA Logo
Sign InEnroll Now

CPGRAMS: केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली

CPGRAMS, सेवोत्तम मॉडल, समाधान दीदी, जन शिकायत निवारण और सुशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, BPSC परीक्षा के लिए उपयोगी।

school
Written by Akhilesh Anand
Published: 11 August 20266 min read
CPGRAMS: केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली
Progress
0%
Aa

CPGRAMS: केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली

हाल ही में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली - सीपीग्राम्स के आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 15 जुलाई 2026 तक सीपीग्राम्स पर कुल 15,20,576 जन शिकायतें प्राप्त हुईं और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा इन शिकायतों के निवारण का औसत समय सिर्फ 13 दिन रहा है।

शिकायत निवारण को और तेज, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसमें 10-चरणीय सीपीग्राम्स सुधार लागू करना, शिकायत निवारण की समय-सीमा को 30 दिन से घटाकर 21 दिन करना, अगस्त 2024 में प्रभावी निवारण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करना और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा के लिए समीक्षा बैठक मॉड्यूल शुरू करना शामिल है। इस तरह सीपीग्राम्स को मजबूत करके सरकार नागरिकों की समस्याओं का समाधान पहले से कहीं ज्यादा तेजी से करने की कोशिश कर रही है।

क्या है सीपीग्राम्स?

CPGRAMS एक ऑनलाइन वेब-आधारित पोर्टल है जिसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने लोक शिकायत निदेशालय (DPG) और प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग(DARPG) के साथ मिलकर बनाया है। इसकी शुरुआत कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के तहत DARPG द्वारा की गई थी।

इसका मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण और निगरानी करना है।

इस प्रणाली के माध्यम से नागरिक किसी भी स्थान से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं और DARPG के साथ-साथ खुद भी शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

इस व्यवस्था को अधिक सुलभ, सरल, त्वरित और उत्तरदायी बनाने के लिए प्रत्येक कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी को शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में नामित किया जाता है, जो लोक शिकायतों और कर्मचारियों की शिकायतों के निपटान की समय-सीमा सुनिश्चित करता है।

CPGRAMS को इस तरह बनाया गया है कि यह भारत सरकार और सभी राज्यों के मंत्रालयों व विभागों से जुड़ा एक ही पोर्टल है। यानी आपको अलग-अलग वेबसाइटों पर भटकना नहीं पड़ेगा, शिकायत एक ही जगह से दर्ज होगी।

अगर शिकायत अधिकारी का दिया गया समाधान आपको ठीक नहीं लगता है, तो CPGRAMS आपको अपील करने का भी मौका देता है। हालांकि कुछ शिकायतें इस पोर्टल के दायरे में नहीं आतीं - जैसे RTI से जुड़े मामले, कोर्ट में चल रहे या विचाराधीन मामले, धार्मिक मुद्दे और सरकारी कर्मचारियों की सेवा से संबंधित समस्याएं।

इस तरह CPGRAMS शिकायत को दर्ज करने से लेकर समाधान और जरूरत पड़ने पर अपील तक, पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाता है।

CPGRAMS की उपलब्धियों से जुड़े अन्य प्रमुख तथ्य

CPGRAMS को और ज्यादा नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए हाल में कई नई पहलें शुरू की गई हैं।

'समाधान दीदी' - AI चैटबॉट:- 30 मई 2026 को CPGRAMS का AI-सक्षम चैटबॉट 'समाधान दीदी' लॉन्च हुआ। ये 22 आधिकारिक भाषाओं में आवाज के जरिए शिकायत दर्ज करने में मदद करता है। यह नागरिकों से पूरा विवरण लेकर AI की मदद से सही मंत्रालय, विभाग और शिकायत की श्रेणी पहचान लेता है और सीधे संबंधित शिकायत निवारण अधिकारी - GRO तक भेजता है। इससे निवारण तेज और सटीक हुआ है।

पेंशन से जुड़ी सुविधाएं:-पेंशनभोगियों के लिए भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं: 

'पेंशनभोगियों के कल्याण में सुधार' योजना: एक एकीकृत पेंशनभोगी पोर्टल के जरिए सभी सेवाओं तक आसान पहुंच।
'भविष्य' पोर्टल: केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन स्वीकृति से लेकर भुगतान ट्रैकिंग तक सब कुछ ऑनलाइन। डिजिटल दस्तावेज, एकल इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर और रियल-टाइम ट्रैकिंग से प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है।
डिजिटल जीवन प्रमाण:आधार बेस्ड बायोमेट्रिक से जीवन प्रमाण पत्र जमा करना आसान हो गया। SMS पावती के साथ पेंशन बिना रुके मिलती रहती है।
CPENGRAMS: पेंशन से जुड़ी शिकायतों के लिए अलग ऑनलाइन मंच। शिकायत दर्ज करना, ट्रैक करना और निवारण करना अब पारदर्शी हो गया है और मंत्रालय सीधे निगरानी कर पाते हैं।

कुल मिलाकर इन पहलों से शिकायत निवारण और पेंशन सेवाएं दोनों ही तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बन गई हैं, जिससे देरी कम हुई है और जवाबदेही बढ़ी है।

वर्ष 2025-26 के लिये सेवोत्तम दिशानिर्देश

  • ASCI हैदराबाद के सहयोग से DARPG ने वर्ष 2025-26 के लिए सेवोत्तम दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इनके साथ एक व्यापक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी बनाया गया है ताकि अधिकारी इसे जमीन पर लागू कर सकें।
  • इन दिशानिर्देशों का मकसद सरकारी विभागों में शिकायत निवारण की प्रक्रिया को एक जैसा और मानकीकृत करना है, साथ ही सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।
  • सीधे शब्दों में कहें तो सेवोत्तम का फोकस है - नागरिकों को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह सेवा मिले, और हर विभाग शिकायतों को निपटाने के लिए एक ही तय तरीके पर चले।

सेवोत्तम मॉडल

द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग की 12वीं रिपोर्ट "नागरिक-केंद्रित प्रशासन - शासन का हृदय" में सरकारी संस्थाओं को ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया था। इसी सोच को जमीन पर उतारने के लिए DARPG ने 'सेवोत्तम' मॉडल पेश किया। सेवोत्तम का मकसद भारत में सार्वजनिक सेवा वितरण को एक संरचित ढांचे में लाना है, ताकि नागरिकों को बेहतर सेवा मिले और सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और लगातार सुधार की संस्कृति बने।

सेवोत्तम मॉडल के प्रमुख घटक

नागरिक चार्ट:-रहर सार्वजनिक संगठन अपनी सेवाओं, उनके निपटारे की समय-सीमा और नागरिकों के अधिकारों को सार्वजनिक करता है। इससे नागरिक बेहतर सेवा मांग सकते हैं और विभागों को जवाबदेह ठहरा सकते हैं।

लोक शिकायत निवारण: मॉडल में एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली है। यहां फोकस सिर्फ शिकायत बंद करने पर नहीं, बल्कि नागरिक की संतुष्टि सुनिश्चित करने पर है।

सेवा वितरण में उत्कृष्टता: क्षमता निर्माण, प्रदर्शन प्रबंधन और निरंतर सुधार के जरिए कुशल और समयबद्ध सेवा देने पर जोर दिया जाता है।

7-चरणीय सेवोत्तम दृष्टिकोण

सेवोत्तम को लागू करने के लिए 7 कदम तय किए गए हैं:

सेवाओं को परिभाषित करना हर विभाग अपनी सेवाएं स्पष्ट करे।
मानक निर्धारित करना हर सेवा के लिए मापनीय और समयबद्ध मानक तय हों।
क्षमता का विकाससंस्थागत और मानव संसाधन को तैयार करना।
निष्पादनआंतरिक प्रक्रियाओं से मानकों को लगातार पूरा करना।
निगरानीप्रदर्शन पर नियमित नजर रखना।
मूल्यांकन नागरिकों की प्रतिक्रिया लेकर सेवा की गुणवत्ता जांचना।
निरंतर सुधारनिगरानी और मूल्यांकन के आधार पर सेवाओं को बेहतर बनाते रहना।

निष्कर्ष

CPGRAMS और सेवोत्तम मॉडल दोनों ही शासन को नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं। CPGRAMS ने शिकायत दर्ज करने, ट्रैक करने और अपील करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन, पारदर्शी और तेज बना दिया है। वहीं 'समाधान दीदी', भविष्य, जीवन प्रमाण और CPENGRAMS जैसी नई पहलों से सेवाएं और ज्यादा सुलभ हो गई हैं। दूसरी ओर सेवोत्तम मॉडल सरकारी विभागों के लिए एक रोडमैप देता है - नागरिक चार्टर से लेकर 7-चरणीय दृष्टिकोण तक, हर स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतर सुधार पर जोर है। कुल मिलाकर इन दोनों पहलों का मकसद एक ही है: नागरिकों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह सार्वजनिक सेवा मिले। जब शिकायत निवारण और सेवा वितरण दोनों व्यवस्थित होंगे, तभी प्रशासन में जनता का भरोसा और मजबूत होगा।

CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली), BPSC परीक्षा के सामान्य अध्ययन (GS) के विभिन्न भागों का हिस्सा है। इसका संबंध मुख्य रूप से GS Paper-II (मुख्य परीक्षा) के भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity) और शासन (Governance/Public Administration) खंड से है।

Reference:

Comments

Loading comments...

Related Articles

Suggested Courses

Offline Classroom
73rd BPSC Offline Foundation Batch
BPSC CCE

73rd BPSC Offline Foundation Batch

Popular
Navodaya Plus Batch 2
BPSC CCE

Navodaya Plus Batch 2

Popular
Navodaya Batch 2
BPSC CCE

Navodaya Batch 2

Trending
Titan Plus Batch 2
BPSC CCE

Titan Plus Batch 2

Trending
Titan Batch 2
BPSC CCE

Titan Batch 2

Trending
Titan Plus Batch 1
BPSC CCE

Titan Plus Batch 1

Trending
Titan Batch 1
BPSC CCE

Titan Batch 1

Popular
Navodaya Plus Batch 1
BPSC CCE

Navodaya Plus Batch 1