US Midterm Election 2026: क्या हैं मायने?
चर्चा में क्यों?
USA में 3 नवंबर 2026 को Midterm Election निर्धारित है। इसमें मुख्य रूप से US House of Representatives और US Senate के लिए चुनाव होंगे। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी संसद यानी Congress 'the House of Representatives' and 'the Senate' से मिलकर बनी है।
US Midterm Election क्या होता है?
यह अमेरिका में होने वाला वह चुनाव है जो राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होता है। इसका अर्थ है कि अगर अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव 2024 में हुआ है, तो 2026 में होने वाला Congressional Election Midterm Election कहलाएगा।
Midterm Election की चुनाव प्रक्रिया
House of Representatives
US House में कुल 435 सीटें हैं और प्रत्येक सीट पर चुनाव होता है।
House के सदस्य का कार्यकाल केवल 2 वर्ष होता है। इसलिए हर दो साल में सभी 435 सीटों पर चुनाव होता है।
बहुमत के लिए कितनी सीटें? : 435 में बहुमत के लिए कम-से-कम 218 सीटें चाहिए।

आमतौर पर 'House' (सदन) में ही प्रस्तावित कानूनों को पेश किया जाता है और उन पर बहस होती है।
Senate
इसमें कुल 100 सदस्य होते हैं। हर राज्य से 2 Senators आते हैं। Senator का कार्यकाल 6 वर्ष होता है और सभी Senators का चुनाव एक साथ नहीं होता। लगभग एक-तिहाई Senate सीटों पर हर दो साल में चुनाव होता है।
2026 में 35 Senate सीट चुनाव के दायरे में हैं।
Senator की भूमिका: अन्य कामों के अलावा, वे हाउस से मिले प्रस्तावित कानूनों को मंज़ूरी देते हैं या रोकते हैं।
Midterm Election इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
अमेरिकी राष्ट्रपति की शक्ति केवल राष्ट्रपति पद पर निर्भर नहीं करती।
उसे कानून बनाने और सरकारी खर्च आदि के लिए Congress के साथ काम करना पड़ता है। इसलिए यदि Midterm Election के बाद Congress में राष्ट्रपति की पार्टी का बहुमत बदल जाता है, तो:
- कानून पारित कराने में कठिनाई हो सकती है
- सरकारी खर्च और बजट पर राजनीतिक संघर्ष बढ़ सकता है
- Congressional investigations बढ़ सकती हैं
- राष्ट्रपति की नीतियों पर Congress अधिक निगरानी कर सकती है
Midterm Election यह तय करने में महत्वपूर्ण है कि अगले दो वर्षों में Congress के दोनों सदनों में किस पार्टी का बहुमत रहेगा।
ईरान के साथ युद्ध क्या चुनाव को प्रभावित करेगा?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स(IRGC) युद्ध में अमेरिकी वोटर को प्रभावित करने की ताक में है । गौरतलब है कि दुश्मन की सेना को युद्ध के मैदान में हराने जितना ही ज़रूरी उसके देश के भीतर उसे मिल रहे समर्थन को कमज़ोर करना भी हो सकता है। हाल ही में गार्ड्स ने अमेरिका के लोगों से अपील की कि वे ट्रंप की नीतियों को नकार दें और ईरान के साथ "शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व" पर विचार करें।
वहीं, ट्रंप को उम्मीद है कि सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ाने से इस्लामिक रिपब्लिक (ईरान) बात मानने पर मजबूर हो जाएगा। ट्रंप ईरान में घरेलू फूट का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान में युद्ध की समाप्ति के लिए संवाद स्थापित करने के समर्थक और टकराव चाहने वाले कट्टरपंथियों के बीच अंदरूनी खींचतान इसके लिए अनुकूल वातावरण पैदा कर रही है।
इन सबको अमेरिकी राजनीती में प्रचलित October Surprise के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
October Surprise: अमेरिका की राजनीति में यह एक ऐसी खबर या घटना होती है जो नवंबर में होने वाले चुनाव के नतीजों पर असर डाल सकती है—चाहे वह जान-बूझकर की गई योजना हो या अचानक हुई कोई घटना।
ट्रंप के मुताबिक Midterm Election से उनकी ईरान नीति पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। उनका तो यहाँ तक दावा है कि 3 नवंबर के चुनाव के बाद संभव है कि ईरान पर बमबारी तेज हो जाए। उन्होंने चुनाव के तुरंत बाद या हो सके तो पहले ही ईरान पर जीत की संभावना जतायी है।
क्या है इस चुनाव का महत्त्व?
चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि किस राजनीतिक पार्टी - ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी या विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी - का कांग्रेस पर नियंत्रण होगा और राष्ट्रपति के लिए अपनी योजनाओं को लागू करना कितना आसान होगा। इन नतीजों को इस बात के पैमाने के तौर पर भी देखा जा रहा है कि अमेरिका के लोग राष्ट्रपति के अब तक के कामकाज से कितने खुश हैं।
2026 US Midterm Election और डोनाल्ड ट्रम्प
2026 में डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति हैं और यह Midterm Election उनके दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के बीच हो रहा है। इसलिए चुनाव को ट्रम्प प्रशासन की नीतियों पर जनता की प्रतिक्रिया समझने के एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि Midterm Election राष्ट्रपति का चुनाव नहीं है। यह मुख्य रूप से Congress के लिए चुनाव है।
2028 के राष्ट्रपति चुनाव पर क्या असर होगा?
ट्रंप तीसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं लड़ सकते। इसलिए Midterm Election के बाद, इस बात पर अटकलें शुरू हो सकती हैं कि 2028 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार कौन हो सकता है - और डेमोक्रेट्स की तरफ से उस व्यक्ति के खिलाफ कौन खड़ा हो सकता है।
महत्त्वपूर्ण तथ्य: अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन डोनाल्ड ट्रंप के तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने पर सीधे तौर पर रोक लगाता है। संशोधन में कहा गया है, "कोई भी व्यक्ति दो बार से ज़्यादा राष्ट्रपति के पद के लिए नहीं चुना जाएगा।" साथ ही, "जिस व्यक्ति ने राष्ट्रपति का पद संभाला हो या कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम किया हो—और ऐसा उस कार्यकाल के दौरान किया हो जिसके लिए कोई और व्यक्ति राष्ट्रपति चुना गया था और वह अवधि दो साल से ज़्यादा रही हो—वह व्यक्ति राष्ट्रपति पद के लिए एक बार से ज़्यादा नहीं चुना जा सकेगा।"
कांग्रेस ने हाउस और सीनेट में बहस के बाद 21 मार्च, 1947 को 22वां संशोधन पास किया। उस दौरान सीनेटर रॉबर्ट टैफ़्ट ने वह क्लॉज़ पेश किया जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि कोई उपराष्ट्रपति या कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम करने वाला व्यक्ति कब केवल एक और कार्यकाल के लिए चुना जा सकता है—अगर उसने किसी दूसरे राष्ट्रपति के कार्यकाल के दो साल से ज़्यादा समय तक काम किया हो—या अगर उसने दो साल से कम समय तक काम किया हो, तो उसे बाद में दो पूरे कार्यकाल के लिए चुना जा सकता है। 22वें संशोधन को 27 फरवरी, 1951 को तीन-चौथाई राज्यों ने मंज़ूरी दी।
भारत के लिए इस चुनाव का महत्त्व:
अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक समीकरण बदलने से रक्षा सहयोग, व्यापार नीति, तकनीकी सहयोग, आप्रवासन से जुड़े विवाद, रणनीतिक साझेदारी
जैसे मुद्दों पर चर्चा भारत के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण हो सकती है।
निष्कर्ष:
इस बार का USA Midterm Election न केवल अमेरिकी घरेलू राजनीति में बदलाव ला सकता है बल्कि यह वैश्विक घटनाक्रम को भी प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप में प्रभावित कर सकता है।






