Salt Marsh: समुद्र की विनाशकारी लहरों को शांत करने वाला प्राकृतिक रक्षक
Eduteria Insights · 29 Oct 2026
चर्चा में क्यों ?
हाल ही में नीदरलैंड के शोधकर्ताओं ने प्राकृतिक लवणीय दलदल(Salt Marsh) को कृत्रिम रूप से बनाई गई बड़ी समुद्री लहरों के बीच रखकर उसकी क्षमता का परीक्षण किया।
उन्होंने Wadden Sea तट से लगभग 306 वर्ग मीटर का प्राकृतिक Salt Marsh, उसकी मिट्टी और जड़ों सहित, निकालकर लगभग 300 मीटर लंबे वेव फ्लूम (Wave Flume: एक लम्बी पानी से भरी टंकी जिसमे लहरें पैदा की जा सकती हैं ) में परीक्षण किया।
शोधकर्ताओं ने लगभग 75 सेंटीमीटर, 1.25 मीटर और 2 मीटर ऊंची लहरों के प्रभाव का अध्ययन किया। इससे यह समझने में मदद मिली कि अलग-अलग तीव्रता वाली लहरों के सामने Salt Marsh कैसे व्यवहार करता है।
इस अध्ययन से दो महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं:
Salt Marsh की मिट्टी और जड़ों का ढांचा बहुत तेज लहरों के सामने भी उल्लेखनीय स्थिरता बनाए रख सकता है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि पौधों को नुकसान नहीं होता। वनस्पतियों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है, जिससे भविष्य में तटीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
Salt Marsh क्या होता है?
समुद्र के किनारे या ज्वारीय मुहानों के पास पाया जाने वाला एक प्रकार का तटीय आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र
यहाँ समुद्र का खारा पानी ज्वार के समय आता है और भाटा के समय वापस चला जाता है। इस क्षेत्र की मिट्टी अक्सर गीली, कीचड़युक्त और लवणयुक्त होती है।
Salt Marsh की प्रमुख विशेषताएँ:
यह सामान्यतः समुद्र तटों, खाड़ियों और ज्वारीय मुहानों के आसपास पाया जाता है।
यहां उगने वाली घास और अन्य वनस्पतियां खारे वातावरण में जीवित रह सकती हैं।
यह मछलियों, केकड़ों, पक्षियों और अनेक छोटे जीवों को भोजन एवं आवास प्रदान करता है।
यह तटीय कटाव कम करने और कार्बन को मिट्टी में संचित करने में मदद कर सकता है।
भारत में सबसे बड़े तटीय Salt Marsh क्षेत्र गुजरात में पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ तटीय हिस्सों में भी ये मौजूद हैं।
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