Bihar Daroga/SI (बिहार दारोगा)
खाकी वर्दी का सपना हर उस युवा के दिल में होता है जो बिहार की मिट्टी से प्यार करता है और अपने समाज के लिए कुछ करना चाहता है। बिहार दारोगा बनना सिर्फ एक सरकारी नौकरी नहीं है, यह जिम्मेदारी है, सम्मान है और आम लोगों की सेवा करने का सबसे बड़ा मौका है।
जाहिर है इसकी तैयारी चंद दिनों में संभव नहीं है इसलिए निरंतर मेहनत करने की आवश्यकता है। इसके लिए हर प्रतियोगी छात्रों को फाउंडेशन पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। सिलेबस को परत-दर-परत अध्ययन करना होगा। प्रतियोगिता के बढ़ते स्तर के कारण तैयारी का रास्ता उतना आसान भी नहीं है लेकिन याद रखिए, हर सफल दारोगा की कहानी भी एक छोटे कमरे और एक जिद से ही शुरू हुई थी। यदि फाउंडेशन मजबूत हो जाता है तो प्रीलिम्स, मेंस और शारीरिक दक्षता का मार्ग भी आसान हो जाता है। आज के इस विशेष ब्लॉग में हम Bihar Daroga/SI (बिहार दारोगा) का फॉर्म भरने के लिए आवश्यक एलीजीबीलिटी, सिलेबस सहित इससे जुड़े विविध पक्षों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
कौन-कौन Bihar Daroga/SI का फॉर्म भर सकता है?
पुरूष, महिला और थर्ड जेंडर तीनों आवेदन भर सकते हैं बशर्ते वे भारत के नागरिक हों। शैक्षेणिक योग्यता :- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) से स्नातक की डिग्री हो, या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उसके समकक्ष परीक्षा उतीर्ण होना अनिवार्य है। दारोगा की परीक्षा में शैक्षणिक योग्यता की समय -सीमा प्रति वर्ष 01 अगस्त निर्धारित की जाती रही है। अभ्यर्थियों की उम्र की गणना मैट्रिक या समकक्ष प्रमाण-पत्र के अनुसार निम्नांकित स्वरूप में होती है।
1. अनारक्षित (सामान्य वर्ग) के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनत्म आयू 20 वर्ष और अधिकतम आयू 37 वर्ष निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग की महिलाओं की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई हैं।
2. पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरूष और महिला दोनों अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई हैं। नोट :- न्यूनतम आयु की गणना 01 अगस्त (जिस वर्ष नोटिफिकेशन आया है) और अधिकतम आयु की गणना 01 अगस्त (नोटिफिकेशन से पिछले वर्ष वाले अगस्त महीने) को आधार मानकर की जाती है। ऊम्र सीमा में मिलने वाली छूट
1. बिहार के ऐसे सरकारी सेवक जिन्होंने नियमित सेवा में न्यूनतम तीन वर्षों की अवधि पूरी कर लिया है, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलेगी।
2. असैनिक पदों पर नियुक्ति के लिए भूतपूर्व सैनिकों अधिकतम आयु सीमा में 03 वर्ष की छूट दी जाएगी और प्रतिरक्षा सेवा में बितायी गई सेवा अवधि के योग के समतुल्य रियायत दी जाती है बशर्ते कि उनकी वास्तविक ऊम्र कट-ऑफ तिथी को 57 वर्ष से अधिक नहीं हो।
3. अभ्यर्थियों की ऊम्र की गणना मैट्रिक अथवा समकक्ष परीक्षा के प्रमाण पत्र में अंकित जन्म तिथी के आधार पर की जाती है।
फिजिकल मापदंड :- ऊंचाई, सीना और वजन के लिए कोई अंक देय नहीं होगा लेकिन निर्धारित मापदंड पूरी नहीं करने वाले असफल घोषित कर दिए जाते हैं।
| ऊंचाई | |
| अनारक्षित (सामान्य वर्ग) एवं पिछड़े वर्ग के पुरूषों के लिए | न्यूनतम 165 सेंटीमीटर |
| अत्यंत पिछड़ा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरूषों के लिए | न्यूनतम 160 सेंटीमीटर |
| सभी वर्ग की महिलाओं के लिए | 155 सेंटीमीटर |
| सीना | |
| 1.अनारक्षित (सामान्य वर्ग), पिछड़े वर्ग और अत्यंत पिछड़े वर्ग के पुरूषों के लिए | बिना फुलाए- 81 सेंटीमीटर (न्यूनतम) फुलाने के बाद-86 सेंटीमीटर (न्यूनतम) |
| 2. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरूषों के लिए | बिना फुलाए- 79 सेंटीमीटर (न्यूनतम) फुलाने के बाद-84 सेंटीमीटर (न्यूनतम) |
नोट- दोनों स्थितियों में सीना फुलाने पर कम से कम पांच सेंटीमीटर का अंतर होना चाहिए।
| वजन | सभी वर्गों की महिला उम्मीदारों के लिए न्यूनतम वजन 48 किग्रा होना अनिवार्य है। |
नोट:-थर्ड जेंडर अभ्यर्थियों के लिए शारिरीक मापदंड और शारिरीक दक्षता परीक्षा का मापदंड पिछड़े वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के समान होंगे।
नियुक्ति की प्रकिया के लिए परीक्षाएं तीन चरणों में होंगी जैसे प्रारंभिक परीक्षा, लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता/दक्षता परीक्षा। प्रांरभिक और लिखित दोनों परीक्षाओं में बहुविकल्पीय प्रश्न-पत्र होते हैं।
प्रथम चरण:-
प्रारंभिक परीक्षा मे कुल 200 अंकों का पत्र होता है जिसमें कुल 100 प्रश्न होते हैं और परीक्षा अवधि दो घंटे की होती है। इस पत्र में सामान्य ज्ञान और समसामयिक मुद्दों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 30 फीसदी से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को मुख्य परीक्षा के लिए असफल घोषित कर दिया जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर रिक्तियों के बीस गुणा अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए किया जाता है। आवश्यक आंकड़े की अनुपलब्धता की स्थिति में इसके अनुपात में कमी भी हो सकती है।
आवेदनों की संख्या के आधार पर कई सत्रों में परीक्षा आयोजित हो सकती है और प्रश्नपत्र भी बहुविकल्पीय होते हैं। प्रश्न उत्तर का मूल्यांकन के लिए सामान्यीकृत नॉर्मलाइज अंकों की गणना Equi-Percentile Method से की जाती है।
द्वितीय चरण:- मुख्य परीक्षा में दो प्रपत्र होते हैं।
1. प्रथम पत्र सामान्य हिन्दी का होता है जो 200 अंकों का होता है जिसमें 100 प्रश्न होंते हैं और परीक्षा की अवधि दो घंटे की होती है। इसमें न्यूनतम अहर्तांक 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है,अन्यथा उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाता है। ध्यातव्य है कि सामान्य हिन्दी पत्र का प्राप्तांक मेधासूची के निर्धारण नहीं जोड़ा जाता है।
2. द्वितीय पत्र सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान, नागरिक शास्त्र, भारतीय इतिहास, भारतीय भूगोल, गणित एवं मानसिक योग्यता जांच से संबंधित होते हैं। द्वितीय पत्र में भी 100 प्रश्न शामिल होते हैं और इसका पूर्णांक 200 अंकों का होता है। परीक्षा की अवधि दो घंटे की होती है। दोनों चरणों की परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.2 अंक काटा जाता है। मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर रिक्तियों के 6 गुणा अभ्यर्थियों का चयन कोटिवार मेधानुसार शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए किया जाता है। अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में मात्र उतीर्ण होना आवश्यक है। शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए एलिजीबल अभ्यर्थियों की पर्याप्त संख्या में अनुपलब्धता की स्थिति में उक्त अनुपात में कमी भी हो सकती है।
तृतीय चरण:- इसके अंतर्गत दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसे शारीरिक दक्षता परीक्षा होंगे।
दौड़:-सभी कोटि के पुरूषों के लिए 1 मील (1.6 किलोमीटर) की दौड़ के लिए समय सीमा 6 मिनट 30 सेंकेड निर्धारित किया गया है। सभी कोटि की महिला अभ्यर्थियों के 1 किलोमीटर की दौड़ के लिए 6 मिनट का समय सीमा निर्धारित किया गया है।
| ऊंची कूद | |
| सभी कोटि के पुरूषों के लिए | न्यूनतम 4 फीट |
| सभी कोटि की महिलाओं के लिए | न्यूनतम 3 फीट |
| लंबी कूद | |
| सभी कोटि की पुरूषों के लिए - | न्यूनतम 12 फीट |
| सभी कोटि के महिलाओं के लिए - | न्यूनतम 9 फीट |
| गोला फेंक | |
| सभी कोटि के पुरूषों के लिए - | 16 पाउंड का गोला न्यूनतम( 16 फीट फेंकना होगा) |
| सभी कोटि की महिलाओं के लिए – | 12 पाउंड का गोला न्यूनतम (10 फीट फेंकना होगा न्यूनतम) |
अभ्यर्थियों को अलग-अलग स्पर्धा में सफल होना होगा। ऊंची कूद, लंबी कूद, और गोला फेंक में अधिकतम मात्र तीन मौका दिया जाता है। थर्ड जेंडर के संदर्भ में अभ्यर्थियों को बिहार राज्य का मूल निवासी होने का प्रमाण-पत्र तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्त प्रमाण-पत्र उनके ट्रांसजेड़र होने के निमित प्रस्तुत करना होता है।
LIVE NEW BATCH 2026
Khakee-4.0 - बिहार पुलिस दरोगा (SI) फाउंडेशन बैच 2026
लक्ष्य खाकी, वर्दी की शान, देश और बिहार का स्वाभिमान!
अगर आपका सपना बिहार पुलिस में Sub-Inspector बनकर खाकी वर्दी पहनना है, तो Eduteria का Khakee-4.0 Foundation Batch आपकी तैयारी को बेसिक से मजबूत बनाकर सफलता सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।
Bihar Daroga Foundation Batch "Khakee-4.0"
मेधासूची एवं नियुक्ति की अनुशंसा-
अंतिम रूप से सफल अभ्यर्थियों की मेधा सूची मुख्य रूप से लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेधा-क्रमानुसार आरक्षण कोटिवार तैयारी की जाती है।
लिखित परीक्षा में समान अंक प्राप्त होने की स्थिति में मेधा-सूची में उनके स्थान का निर्धारण जन्म तिथी के आधार पर होगा। समान अंक और समान जन्म तिथी होने की स्थिति में शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मेधा सूची में उनके स्थान का निर्धारण होगा। शैक्षणिक योग्यता समान होने की स्थिति में मैट्रिक प्रमाण पत्र में अंग्रेजी वर्णमाला के क्रमानुसार निर्धारित किया जाता है।
मुख्य परीक्षा के आधार पर तैयार की जाने वाली अंतिम मेधा सूची के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए नूयूनतम अहर्तांक 32 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 34 प्रतिशत, पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अहर्तांक 36.6 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशत न्यूनतम अहर्तांक आवश्यक होता है।
अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की अनुशंसा बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा संबंधित नियुक्ति प्राधिकार को नियुक्ति भेजी जाती है।
बिहार दारोगा की तैयारी से जुड़े बुनियादी सुझाव
गत वर्षों में हमारे संस्थान से सफल होने वाले आंकड़े बेहद ही प्रेरणादायी रहे हैं। इसके लिए विशेष तौर पर मेंटरशिप को लीड करने वाले हमारे सीनियर मेंटर्स की भूमिका रही है। इनका कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन का वैटेज (भारांश) सबसे अधिक होता है। 100 प्रश्नों में से 85 प्रश्न केवल और केवल सामान्य अध्ययन के रहते हैं, वहीं शेष प्रश्नों में गणित और तर्कशक्ति से जुड़े प्रश्न शामिल होते हैं। यदि सामान्य अध्ययन और करेंट अफेयर्स को केन्द्रित करते हुए तैयारी की जाए तो प्रारंभिक परीक्षा पास करना थोड़ा आसान हो जाता है।
उल्लेखनीय है कि मुख्य परीक्षा में गणित और तर्क शक्ति से जुड़े प्रश्नों की संख्या में वृद्धि हो जाती है और इनका वैटेज (भारांश) करीब 25 प्रश्न तक का हो जाता है इसलिए मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के साथ-साथ गणित और तर्कशक्ति को भी उसी गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है। शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए निरंतर अभ्यास करते रहने की आवश्यकता है। कुलमिलाकर सफलता के लिए निरंतर अभ्यास करते रहना होगा।





