बीपीएसएसी प्रारंभिक परीक्षा (PT) के लिए जिन चार स्तंभों की चर्चा की जाती है उनमें इतिहास के तीनों खण्ड, बिहार स्पेशल, करेंट अफेयर्स के साथ-साथ सामान्य विज्ञान का जिक्र किया जाता है। सामान्य विज्ञान को बीपीएससी प्रीलिम्स के लिए उच्च स्कोरिंग घटक के रूप में चिन्हित किया गया है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि BPSC प्रारंभिक परीक्षा के कट-ऑफ का एक चौथाई हिस्सा सामान्य विज्ञान का है। एक तरह से देखा जाए तो प्रीलिम्स के लिए कट-ऑफ का रास्ता यहीं से होकर जाता है।
72वीं प्रारंभिक परीक्षा स्ट्रैटजी की अगली कड़ी में आज सामान्य विज्ञान (भौतिकी, रासायन और जीव विज्ञान) विषय को केन्द्र में रखते हुए संबंधित विभिन्न आयामों की अलग-अलग विवेचना करेंगे। इसके लिए अपनाए जाने वाले ठोस रणनीतियों पर भी चर्चा भी करेंगे।
बिहार प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों को मुख्य रूप से दो समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है। पहले समूह में ऐसे छात्र हैं जो प्रारंभिक परीक्षा में कमोवेश लगातार सफल होते रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ छात्रों का ऐसा समूह है जो प्रीलिम्स में अटक जा रहे हैं। जाहिर है इन दोनों समूहों के लिए एक समान रणनीति नहीं होगी। दूसरे समूह के छात्रों को पहले प्रीलिम्स के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। ऐसे छात्रों को ऊपर्युक्त चार स्तंभों पर विशेष ध्यान और पकड़ बनाने की आवश्यकता है।
यदि पिछले 10 सालों में पूछे गए प्रश्नों के ट्रेंड से पता चलता है कि इसमें औसतन 25 से 28 प्रश्न पूछे गए हैं। आंकड़ों के अनुसार 65वीं, 66वीं, 67वीं और 68वीं में 30 प्रश्नों तक पूछे जाने का रिकॉर्ड है। 70वीं री एग्जाम में 29 और 71वीं में 28 प्रश्न पूछे गए हैं।
जीव विज्ञान (Biology)
विशेषज्ञों की आम राय है कि ऐसे विषय और टॉपिक्स जहां सभी छात्र अच्छा स्कोर कर रहे हैं, वहां कम स्कोर करना ज्यादा रिस्की माना जाता है। इसलिए इन चार स्तंभों में शामिल सामान्य विज्ञान के तीनों खण्डों में उच्चतम स्कोर हासिल करने के बाद ही प्रीलिम्स रूपी धनुष से तीर निकल पाएगा। इसलिए सामान्य विज्ञान के इन तीनों खण्डों की उपयोगिता रीढ़ की हड्डी के जैसे ही है।
जीव विज्ञान के संदर्भ में यदि पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखा जाए तो इसमें बहुत सारे पक्षों को गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है। दरअसल पिछले कई वर्षों में ट्रेंड से हटकर कठिन प्रश्नों को पूछ लिया गया है। ये प्रश्न कथन और कंसेप्ट आधारित थे और विषय वस्तु की गहराई से जुड़े हुए थे। अचानक ट्रेंड बदल जाने से गंभीर छात्रों को भी परेशानी हुई और ऐसे छात्रों का प्रीलिम्स रूक गया था। इसलिए छात्रों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि सामान्य विज्ञान के तीनों खण्डों में जीव विज्ञान का वैटेज (भारांश) थोड़ा अधिक रहता है। केवल जीव विज्ञान के संदर्भ में ट्रेंड एनालिसीस से पता चलता है कि औसतन करीब 10 प्रश्नों का भारांश जीव विज्ञान का ही रहता है। जीव विज्ञान में भी ऐसे टॉपिक्स हैं जहां से बार बार प्रश्न पूछे गए हैं। उदाहरण के लिए 66वीं बीपीएससी में केवल पोषण-विटामिन, खनिज, कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन से लगातार पांच प्रश्न पूछ लिए गए थे।
भौतिकी (Physics)
विशेषकर यदि भौतिकी के प्रश्नों के ट्रेंड को देखा जाए तो पिछले 10 सालों में केवल भौतिकी से औसतन 8 प्रश्न पूछने का रिकॉर्ड है। 71वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में भौतिकी से 10 प्रश्न और 68वीं बीपीएससी में 11 प्रश्न पूछे गए हैं। आंकड़ें कहते हैं कि 65वीं बीपीएससी में केवल मात्रक और वीमा टॉपिक से कुल 5 प्रश्न पूछे गए हैं, वहीं 68वीं में गति और बल से कुल चार प्रश्न पूछे गए हैं।
एक या दो अंकों को आधार न मानकर पूरी समग्रता में यदि देखा जाए तो जीव विज्ञान के समतुल्य ही भौतिकी का भी भारांश है। इसलिए इसे थोड़ा भी नजरअंदाज करना जोखिम भरा साबित होगा। विधुत, रेडियो धर्मिता, प्रकाश, ध्वनि, ऊष्मा एवं ऊर्जा कुछ ऐसे टॉपिक्स हैं जहां से प्रश्न बार बार आते हैं।
रसायन (Chemistry)
सामान्य विज्ञान के अंतर्गत रासायन विज्ञान के प्रश्नों के ट्रेंड को यदि गौर से देखा जाए तो यह चौंकाने वाले हैं। दरअसल भौतिकी के जैसे ही पिछले 10 वर्षों के आंकड़े का विश्लेषण करने पर औसतन 8 प्रश्न केवल और केवल रासायन विज्ञान से पूछे जाने का रिकॉर्ड है। 68वीं बीपीएससी में कुल 16 प्रश्न रासायन विज्ञान से पूछे गए हैं। 70वीं री-एग्जाम में 11 प्रश्न, 65वीं में भी 11 प्रश्न तक पूछे गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 68वीं बीपीएससी में केवल अम्ल क्षार और लवण टॉपिक्स से ही 6 प्रश्न पूछे गए हैं, वहीं 63वीं में 4 प्रश्न केवल धातु, 4 प्रश्न महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक एवं उनके उपयोग, 3 प्रश्व केवल पदार्थ की अवस्थाएं और 3 अन्य प्रश्न केवल अम्ल क्षार और लवण से पूछे गए हैं।
71वीं बीपीएससी में रासायन से कुल प्रश्नों की संख्या 7 थी जिसमें 4 प्रश्न केवल महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक और उनके उपयोग से जुड़े हुए थे। एक तरह से देखा जाए तो अम्ल, क्षार और लवण, महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक एवं उनके उपयोग, धातु, पदार्थ की अवस्थाएं जैसे टॉपिक्स बार-बार दोहराए जा रहे हैं।
- सामान्य विज्ञान के प्रश्नों के ट्रेंड एनालिसीस ने उस मिथक को तोड़ने का हर संभव प्रयास करता हुआ दिख रहा है जहां जीव विज्ञान भौतिकी और रासायन को अलग-अलग वैटेज (भारांश) देने की कोशिश की जाती है। हालांकि एक या दो प्रश्नों को यदि छोड़ दिया जाए तो तीनों का भारांश एक जैसा ही प्रतीत होता है। ट्रेंड एनालिसीस के आंकड़े को अनदेखा किए बिना कहा जा सकता है कि बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में जीव विज्ञान, भौतिकी और रासायन तीनों को गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है।
- सबसे आश्चर्य बात यह है कि इन तीनों खण्डों में कुछ ही ऐसे टॉपिक्स हैं जो बार-बार दोहराए जा रहे हैं। यदि इन तीनों विषयों के हॉट टॉपिक्स का गहराई से अध्ययन कर लिया जाए और PYQ का रिवीजन किया जाए तो इसमें 90 फीसदी से भी अधिक स्कोर किया जा सकेगा।
सामान्य विज्ञान में शामिल भौतिकी, जीव विज्ञान और रासायन के प्रश्नों के ट्रेंड को देखते हुआ कहा जा सकता है कि सिलबेस, PYQ, क्लास नोट्स का रिवीजन और मॉक टेस्ट के जरिए खुद का आकलन करते रहना ही सबसे बेहतर और सटीक रणनीति साबित होगा।
जीव विज्ञान (Biology)
| जंतु एवं पादपों का वर्गीकरण | कोशिका | रक्त परिसंचरण तंत्र |
| पाचन तंत्र | आनुवांशिकी | पोषण (विटामिन, खनिज) |
| कार्बोहाइड्रेट्स, वसा, प्रोटीन | रोग एवं उनके कारण | हार्मोन एवं एंजाइम |
| विविध |
भौतिकी (Physics)
| मात्रक एवं विमा | गति एवं बल | ध्वनि |
| ऊष्मा एवं ऊर्जा | प्रकाश | विद्युत / रेडियोधर्मिता |
| महत्वपूर्ण सिद्धांत | उपकरण एवं उनके कार्य |
रसायन विज्ञान (Chemistry)
| परमाणु संरचना | पदार्थ की अवस्थाएं | कार्बन और उसके अपरूप |
| धातु | अधातु | विलयन |
| अम्ल, क्षार एवं लवण | महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक एवं उनके उपयोग | पर्यावरणीय प्रदूषण |
| रासायनिक अभिक्रिया |




