सिरपुर यूनेस्को की "अस्थायी सूची" (Tentative List) में शामिल
Eduteria Insights · 21 Oct 2026
चर्चा में क्यों?
सिरपुर को यूनेस्को की "अस्थायी सूची" (Tentative List) में शामिल कर लिया गया है।
यह विश्व धरोहर दर्जा पाने की दिशा में पहला कदम है।
अगला कदम: अधिकारियों के पास विस्तृत नामांकन डोजियर (Nomination Dossier) तैयार कर यूनेस्को को सौंपने के लिए एक वर्ष का समय है।
मुख्य विशेषता:
सिरपुर (Sirpur), छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में महानदी के पूर्वी तट पर स्थित है।
समय अवधि: 5वीं शताब्दी से 12वीं शताब्दी ईस्वी तक।
सिरपुर भारत के उन गिने-चुने पुरातात्विक परिदृश्यों में से एक है जहाँ हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों धर्मों के स्मारक एक ही शहरी ढांचे के भीतर मौजूद हैं।
यहाँ 22 शिव मंदिर, 5 वैष्णव मंदिर, 10 बौद्ध विहार और 3 जैन विहार हैं।
यह भारत की "अनेकता में एकता" और धार्मिक सहिष्णुता का जीवंत प्रमाण है।
यहाँ का लक्ष्मण मंदिर (भगवान विष्णु को समर्पित, 7वीं शताब्दी) भारत के सबसे बेहतरीन ईंट-निर्मित मंदिरों में से एक है। यह अपनी जटिल नक्काशी और निर्माण शैली के लिए प्रसिद्ध है।
यहाँ राजमहल परिसर, बाजार संरचनाएँ, आवासीय क्षेत्र, ईंट और पत्थर के मंदिर, विहार, स्तूप, ध्यान कक्ष और जल प्रबंधन प्रणाली के अवशेष मिले हैं। यह दर्शाता है कि यह एक योजनाबद्ध और समृद्ध शहरी केंद्र था।
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