भारत–ब्रिटेन नौसैनिक अभ्यास KONKAN-26
Eduteria Insights · 18 Oct 2026
चर्चा में क्यों ?
8–15 अक्टूबर के बीच यूनाइटेड किंगडम के तट के पास प्लायमाउथ में भारत-ब्रिटेन नौसैनिक अभ्यास KONKAN-26 का आयोजन किया गया. इस युद्धाभ्यास में भारत के INS Trishul और ब्रिटेन के HMS Sutherland ने हिस्सा लिया.
भारत के लिए यह अभ्यास क्यों महत्त्वपूर्ण है?
1. समुद्री सुरक्षा मजबूत करना: हिंद महासागर और अन्य महत्त्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में सहयोग बढ़ता है।
2. संयुक्त कार्रवाई की क्षमता: दोनों नौसेनाएँ एक साथ काम करने, संचार करने और संकट के समय समन्वय स्थापित करने का अनुभव प्राप्त करती हैं।
3. समुद्री व्यापार की सुरक्षा: भारत का बहुत-सा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। सुरक्षित समुद्री मार्ग आर्थिक हितों के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
4. रक्षा संबंधों को मजबूत करना: यह भारत और ब्रिटेन के व्यापक रणनीतिक तथा रक्षा सहयोग का हिस्सा है। दोनों देश भारत–ब्रिटेन Vision 2035 के अंतर्गत भी सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं।
नोट: INS Trishul भारतीय नौसेना का गाइडेड-मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है। स्टील्थ तकनीक का उद्देश्य दुश्मन के रडार पर जहाज की पहचान को कठिन बनाना है।
प्रश्न: KONKAN-26 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
यह भारत और ब्रिटेन के बीच नौसैनिक अभ्यास है।
इसमें भारतीय नौसेना का INS Trishul शामिल था।
इसका आयोजन प्लायमाउथ के पास ब्रिटेन के तट पर हुआ।
सही उत्तर चुनिए:
(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2 और 3
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