Japan का मंगल ग्रह के चंद्रमा से नमूने लाने का मिशन
Eduteria Insights · 18 Oct 2026
चर्चा में क्यों?
दुनिया में पहली बार जापान ऐसे अंतरिक्षयान मिशन पर काम कर रहा है जिसकी मंगल ग्रह के एक उपग्रह फोबोस की सतह से मिट्टी और चट्टानों के नमूने इकट्ठा करके पृथ्वी पर लाने की योजना है। जापानी अंतरिक्ष JAXA द्वारा संचालित इस मिशन का नाम MMX (Martian Moons eXploration) है।
मुख्य उद्देश्य : यह समझना कि मंगल के ये उपग्रह कैसे बने और मंगल ग्रह के शुरुआती इतिहास के बारे में क्या जानकारी दे सकते हैं।
महत्त्वपूर्ण तथ्य
मंगल के उपग्रहों फोबोस और डेमोस का संभावित महत्व होने के बावजूद, उनकी पूरी तरह से जानकारी नहीं मिल सकी है। वे सौर मंडल के सबसे महत्वपूर्ण अनछुए पर्वतों के रूप में जाने जाते हैं। गौरतलब है कि फोबोस और डेमोस के नाम ग्रीक पौराणिक कथाओं में भय और आतंक के प्रतीक माने जाने वाले युद्ध देवता एरेस के पुत्रों से लिए गए हैं, जिनका रोमन समकक्ष मार्स है।
H3 रॉकेट से प्रक्षेपण के बाद, अंतरिक्ष यान एक साल बाद मंगल ग्रह के क्षेत्र में पहुंचेगा। फिर यह तीन साल तक फोबोस के पास और आसपास उड़ान भरेगा ताकि डेटा एकत्र कर सके और चंद्रमा से नमूने इकट्ठा कर सके, जिसके बाद यह 2031 में वापस लौट आएगा।
प्रश्न: MMX मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
यह जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA के नेतृत्व में संचालित है।
इसका उद्देश्य फोबोस से नमूने लाकर पृथ्वी पर पहुँचाना है।
फोबोस और डीमोस, बृहस्पति के प्राकृतिक उपग्रह हैं।
सही उत्तर चुनिए:
(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2 और 3
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