सेंगोल के डिज़ाइनर वुम्मिडी एथिराजुलु का निधन
Eduteria Insights · 23 Oct 2026
चर्चा में क्यों?
नए संसद भवन (New Parliament House) में स्थापित पवित्र राजदंड यानी 'सेंगोल' (Sengol) को डिजाइन और निर्मित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वुम्मिडी एथिराजुलु का निधन हो गया है.
महत्त्वपूर्ण पक्ष
सेंगोल एक सुनहरा राजदंड (Golden Sceptre) है, जो तमिल परंपरा में 'सेंगोल' (Sengol) के नाम से जाना जाता है। 'सेम्मई' का अर्थ है धर्मनिष्ठता (Righteousness) और 'कोल' का अर्थ है राजदंड (Sceptre)
जब भारत को आजादी मिली, तो सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को यह सेंगोल सौंपा गया था।
स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर तमिलनाडु के तिरुवावडुथुरै अधीनम (Thiruvaduthurai Adheenam) से जुड़े धार्मिक प्रतिनिधियों ने जवाहरलाल नेहरू को सेंगोल सौंपा। यह घटना 14 अगस्त 1947 की रात से संबंधित है।
सेंगोल की प्रमुख विशेषताएँ
लंबाई: लगभग 5 फीट।
निर्माण: चाँदी पर सोने की परत चढ़ाकर बनाया गया।
शीर्ष पर आकृति: नंदी बैल; नंदी 'भगवान शिव' से जुड़ा पवित्र बैल है और सेंगोल के संदर्भ में इसे न्याय तथा धर्मपूर्ण शासन के प्रतीक के रूप में समझाया जाता है।
ऐतिहासिक संबंध: 1947 में भारत की स्वतंत्रता और सत्ता के हस्तांतरण से जुड़ा।
वर्तमान स्थान: नई संसद में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट स्थापित।
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