क्या है FSDC ?
Eduteria Insights · 24 Oct 2026
चर्चा में क्यों है FSDC?
हाल ही में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (Financial Stability and Development Council—FSDC) की 30वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर तथा अन्य वित्तीय नियामकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों से उत्पन्न जोखिमों की समीक्षा की गई।
वर्तमान वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में कई कारक भारत की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं:
भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय संघर्ष।
वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव।
अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड यील्ड में वृद्धि।
वित्तीय बाजारों में अस्थिरता।
AI से जुड़े नए आर्थिक और वित्तीय जोखिम।
नोट: अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के सन्दर्भ में माना जाए कि यदि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़ जाती है तो ऐसी स्थिति में कुछ विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिकी बॉन्ड में निवेश करना अधिक आकर्षक समझ सकते हैं। बॉन्ड यील्ड का अर्थ होता है बॉन्ड की मौजूदा बाजार कीमत के मुकाबले उससे मिलने वाला प्रतिफल।
FSDC क्या है?
FSDC का पूरा नाम Financial Stability and Development Council है। हिंदी में इसे वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद कहा जाता है।
यह भारत सरकार की एक शीर्ष-स्तरीय संस्था है, जिसका उद्देश्य देश की वित्तीय प्रणाली को स्थिर बनाए रखना, वित्तीय क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना तथा विभिन्न वित्तीय नियामकों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
FSDC की स्थापना
स्थापना: दिसंबर 2010
अध्यक्ष: केंद्रीय वित्त मंत्री
प्रमुख उद्देश्य: वित्तीय स्थिरता और वित्तीय क्षेत्र के नियमन में समन्वय
प्रशासनिक सहयोग: वित्त मंत्रालय का आर्थिक कार्य विभाग (Department of Economic Affairs—DEA)
अभ्यास प्रश्न
'फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
यह नीति आयोग का एक अंग है।
संघ का वित्त मंत्री इसका प्रमुख होता है।
यह अर्थव्यवस्था के समष्टि सविवेक (मैक्रो प्रूडेंशियल) पर्यवेक्षण का अनुवीक्षण करता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
a. केवल 1 और 2
b. केवल 3
c. केवल 2 और 3
d. 1, 2 और 3 (IAS Pre 2016)
Swipe up (or press ↓) for the next news














