सूर्य के कोरोना (Corona) में हो रही गतिविधियों की Doppler velocity images तैयार
Eduteria Insights · 21 Oct 2026
चर्चा में क्यों ?
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के वैज्ञानिकों ने आदित्य-L1 मिशन से मिले डेटा का इस्तेमाल करके सूर्य के कोरोना (Corona) में हो रही गतिविधियों की Doppler velocity images तैयार की हैं।
Doppler velocity images का मतलब है ऐसी तस्वीरें जो यह बताती हैं कि सूर्य से निकला प्लाज्मा (Plasma) किस रफ्तार से और किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सूर्य पर जब बहुत बड़ा विस्फोट होता है, तो उससे गर्म प्लाज्मा का एक बादल निकलता है जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejections - CMEs) कहते हैं। अब तक यह पता लगाना बहुत मुश्किल था कि यह बादल पृथ्वी की तरफ आ रहा है या किसी और दिशा में जा रहा है। आदित्य-L1 के डेटा से अब इसका सटीक अनुमान लगाया जा सकता है।
महत्त्वपूर्ण पक्ष:
फिलहाल दुनिया में केवल VELC (Visible Emission Line Coronagraph) के पास ही ऐसी तस्वीरें लेने की क्षमता है। VELC आदित्य-L1 पर लगा एक बहुत ही खास Payload है। इसे बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) ने बनाया है।
यह सूर्य के कोरोना की स्टडी करता है और लगातार तस्वीरें लेता है। इसका डेटा प्रोसेस करने के लिए एक खास सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है।
डॉप्लर इफेक्ट (Doppler Effect) के बारे में
जब कोई ट्रेन किसी व्यक्ति के पास आ रही होती है, तो उसकी सीटी की आवाज तेज (High pitch) सुनाई देती है, और जब वह दूर जाती है, तो आवाज धीमी (Low pitch) हो जाती है। आवाज की इसी बदलती हुई फ्रीक्वेंसी को डॉप्लर इफेक्ट कहते हैं।
वैज्ञानिकों ने इसी तर्क का इस्तेमाल प्रकाश (Light) पर किया। सूर्य से निकलने वाले प्लाज्मा के प्रकाश में आने वाले बदलावों को मापकर उन्होंने 'डॉप्लर वेलोसिटी इमेज' बनाई। इससे पता चलता है कि प्लाज्मा पर्यवेक्षक (यानी हमारी पृथ्वी/उपग्रह) की तरफ आ रहा है या दूर जा रहा है।
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