लद्दाख के सभी 8 जिलों में पर्वतीय परिषदों का गठन
Eduteria Insights · 21 Oct 2026
चर्चा में क्यों?
Ladakh Autonomous Hill Development Councils (LAHDC) (Amendment) Regulation, 2026 को 16 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अध्यादेश द्वारा मंजूरी दी । इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर को इससे जुड़े संशोधनों को मंजूरी दी थी।
इस संशोधन से लद्दाख के सभी आठ जिलों में LAHDC के गठन का रास्ता खुल गया है। इनमें नया बनाया गया सांकू जिला भी शामिल है।
महत्त्वपूर्ण पक्ष:
लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (संशोधन) विनियम, 2026 राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 240 तथा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 58(2) के अंतर्गत जारी किया।
प्रत्येक परिषद में निर्वाचित प्रतिनिधियों की संख्या को पहले के 26 से घटाकर 7 से 24 के बीच रखने का प्रावधान।
महिलाओं और अन्य प्रतिनिधित्व से वंचित समुदायों के सदस्यों के नामांकन का प्रावधान।
परिषदों की संरचना, शक्तियों और कार्यप्रणाली में बदलाव को लेकर स्थानीय संगठनों की चिंताएँ।
LAHDC के बारे में :
पूरा नाम: Ladakh Autonomous Hill Development Council है। हिंदी में इसे लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद कहा जाता है।
इसका उद्देश्य पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास संबंधी निर्णयों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
लद्दाख प्रशासन ने 2026 में प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत जिलों की संख्या दो से बढ़ाकर आठ की। इनमें सांकू नया जिला है।
1. लेह (Leh): प्रमुख प्रशासनिक एवं पर्यटन केंद्र
2. कारगिल (Kargil): ऐतिहासिक और सामरिक महत्त्व वाला क्षेत्र
3. नुब्रा (Nubra): हिमालयी घाटी और सीमावर्ती क्षेत्र
4. चांगथांग (Changthang): ऊँचाई वाला शीत मरुस्थलीय क्षेत्र
5. जांस्कर (Zanskar): दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र
6. द्रास (Drass): कारगिल के निकट स्थित अत्यधिक ठंडा क्षेत्र
7. शाम (Sham): सिंधु नदी के आसपास का क्षेत्र
8. सांकू (Sankoo): नया जिला
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