28वाँ चार्ल्स कोरिया गोल्ड मेडल की घोषणा
Eduteria Insights · 23 Oct 2026
चर्चा में क्यों?
कोच्चि स्थित Seed – APJ Abdul Kalam School of Environmental Design के छात्र राधाकृष्णन एम.एस. (Radhakrishnan M.S.) ने वास्तुकला (Architecture) के क्षेत्र में 28वाँ चार्ल्स कोरिया गोल्ड मेडल (Charles Correa Gold Medal) जीता है।
पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे उत्कृष्ट स्नातक वास्तुकला शोध-प्रोजेक्ट को मान्यता देना है जो निर्मित पर्यावरण (Built Environment) की चुनौतियों से सार्थक रूप से जुड़ते हों।
महत्त्वपूर्ण पक्ष
चार्ल्स कोरिया भारत के प्रसिद्ध वास्तुकार (Architect), शहरी नियोजन विशेषज्ञ (Urban Planner) और विचारक थे।
उन्होंने भारतीय जलवायु, स्थानीय संस्कृति, सामाजिक आवश्यकताओं और आधुनिक वास्तुकला के बीच संतुलन स्थापित करने पर विशेष जोर दिया।
उनके कार्यों में केवल सुंदर इमारतें बनाना ही नहीं, बल्कि यह समझना भी महत्वपूर्ण था कि इमारतें और शहर आम लोगों के जीवन को किस प्रकार प्रभावित करते हैं।
उनके प्रमुख कार्यों में भोपाल का भारत भवन, जयपुर का जवाहर कला केंद्र और नवी मुंबई के नियोजन से जुड़ा उनका योगदान शामिल है।
चार्ल्स कोरिया गोल्ड मेडल क्या है?
यह पुरस्कार वास्तुकला के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट स्नातक शोध-प्रोजेक्ट या थीसिस को पहचान देने के लिए शुरू किया गया था।
चार्ल्स कोरिया फाउंडेशन के अनुसार:
इसकी शुरुआत 1998 में हुई थी।
प्रारंभ में यह गोवा कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, पणजी के सर्वश्रेष्ठ थीसिस प्रोजेक्ट को दिया जाता था।
बाद में इसका विस्तार मुंबई के वास्तुकला संस्थानों तक बढ़ाया गया।
2021 से चार्ल्स कोरिया फाउंडेशन इस पुरस्कार का संचालन कर रहा है।
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