अशोक सेन को मिला ऑस्कर क्लेन मेडल 2026
Eduteria Insights · 24 Oct 2026
चर्चा में क्यों?
प्रोफेसर अशोक सेन को ऑस्कर क्लेन मेडल 2026 देने कि घोषणा की गई है.
यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय भौतिक विज्ञानी हैं।
श्री सेन की सैद्धांतिक भौतिकी (Theoretical Physics) में विशेषज्ञता है.
इनका जुड़ाव इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल साइंसेज (ICTS), बेंगलुरु से है.
इन्होंने स्ट्रिंग थ्योरी, S-duality, ब्लैक होल एंट्रॉपी की गणना और स्ट्रिंग फील्ड थ्योरी के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है.
अशोक सेन को यह सम्मान उनके उन शोध कार्यों के लिए दिया गया है, जिन्होंने आधुनिक स्ट्रिंग थ्योरी को विकसित करने और गुरुत्वाकर्षण, क्वांटम भौतिकी तथा ब्लैक होल से जुड़े मूलभूत प्रश्नों को समझने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
ऑस्कर क्लेन मेडल क्या है?
स्वीडिश सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी ऑस्कर क्लेन के नाम पर इस मेडल का नाम पड़ा.
स्टॉकहोम विश्वविद्यालय तथा रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की नोबेल समिति फॉर फिजिक्स मिलकर यह पुरस्कार प्रदान करते हैं.
स्ट्रिंग थ्योरी (String Theory)
यह आधुनिक सैद्धांतिक भौतिकी का एक ऐसा विचार है, जिसके अनुसार प्रकृति के सबसे सूक्ष्म स्तर पर मौलिक कणों को बिंदु जैसे कणों के बजाय अत्यंत सूक्ष्म, कंपन करने वाली स्ट्रिंग (तार जैसी संरचना) के रूप में समझा जा सकता है।
Swipe up (or press ↓) for the next news














